ISRO की कामयाबी से आखीर क्यों चिढ़ रहा है पाकिस्तान ?

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भारत ने जहां अंतरिक्ष में एक नई उड़ान के साथ शुक्रवार को 31 उपग्रहों को लॉन्‍च किया और इसके लिए उसे बधाइयों का तांता लगा है, वहीं पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान की नजरें टेढ़ी हो गई हैं और उसके माथे पर पसीना आ गया है।

पाकिस्‍तान ने भारत द्वारा इन उपग्रहों के प्रक्षेपण को ‘दोहरी नीति’ करार देते हुए कहा कि इन उपग्रहों का इस्तेमाल नागरिक उद्देश्‍यों के साथ-साथ सैन्य उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है और इसका क्षेत्र में नकारात्‍मक असर होगा। उसने जोर देकर कहा है कि इनका इस्तेमाल सैन्य क्षमताओं के लिए न किया जाए।Image result for इसरो पिक

बढ़ेगा रणनीतिक असंतुलन
पाकिस्‍तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता डॉक्टर मोहम्‍मद फैसल ने एक मीडिया ब्रीफिंग में भारत की अंतरिक्ष में सफलता पर अपनी चिंताओं को सामने रखा। उन्‍होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इन उपग्रहों का इस्‍तेमाल नागरिक उद्देश्‍यों के साथ-साथ सैन्‍य उद्देश्‍यों के लिए भी किया जा सकता है और इसलिए इससे क्षेत्र में सैन्‍य क्षमताएं अस्थिर हो सकती हैं। उन्‍होंने कहा कि हालांकि सभी देशों को शांतिपूर्ण उद्देश्‍यों के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल का हक है, पर यह इस तरह का नहीं होना चाहिए कि इससे क्षेत्र में किसी तरह की रणनीतिक अस्थिरता आए और इसका नकारात्‍मक असर हो।

क्‍यों चिढ़ा है PAK?
अब सवाल है कि भारत की इतनी बड़ी कामयाबी पाकिस्‍तान के लिए परेशानी का सबस क्‍यों है? क्‍या सिर्फ भारत के साथ प्रतिद्वंद्विता के कारण वह ऐसा बातें कर रहा है? दरअसल, जिन भारतीय उपग्रहों को लॉन्‍च किया गया है, उनमें कार्टोसैट 2 सीरीज का उपग्रह भी शामिल है, जिसे ‘आई इन द स्काई’ यानी ‘आसमान में आंख’ भी कहा जाता है। यह एक ‘अर्थ इमेजिंग’ उपग्रह है, जो धरती की बेहद सटीक और गुणवत्तापूर्ण तस्वीरें भेजने में मददगार होगा। इससे भारत को बेहतर क्वालिटी की तस्वीरें मिलेंगी और इसकी मदद से भारत सीमा पर होने वाली हरकतों पर भी पैनी नजर रख सकेगा। ऐसे में पाकिस्तान को अपनी नापाक हरकतों के पर्दाफाश होने का अंदेशा है।

ISRO ने इन देशों के उपग्रहों को लॉन्‍च किया है
यहां उल्‍लेखनीय है कि भारत ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार को जिन 31 उपग्रहों को लॉन्‍च किया है, उनमें भारत के 3 और 6 अलग-अलग देशों के 28 विदेशी उपग्रह भी शामिल हैं। पिछले साल अगस्‍त में PSLV-C39 मिशन के फेल होने के बाद यह अंतरिक्ष में भारत की एक बड़ी कामयाबी है। 28 विदेशी उपग्रह अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, दक्षिण कोरिया और फिनलैंड के हैं। लॉन्‍च किए गए सभी 31 उपग्रहों का कुल वजन 1323 किलोग्राम है।

 

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